आज जो में आपको बताने वाला हूँ वो एक साल पहली की बात हे, जब में २१ साल का था हमने अपने घर में एक नौकरानी रखी थी जिसकी उम्र १९ की थी शायद वो हर काम बड़े अच्छे से किया करती थी, उसके चुचे एक दम कडक थे और उसकी गांड भी बहुत प्यारी और मस्त थी वो जब भी घर में झाड़ू मरती थी तो वो झुकती थी और मुझे उसके प्यारे प्यारे संतरे दिख जाते थे मैं हर दिन उसके नाम की मुठ मारा करता थावो हमारे घर के बगल वाले एक कमरे में रहती थी, जो नोकरो के लिए ही था
एक दिन में उसके
कमरे के बगल से गुजरा तो देखा की वो सो रही हे, और उसका स्कर्ट उपर था और मुझे उसके घुटनों के उपर का थोडा
सा हिस्सा दिख रहा था में कुछ देर उसे देखा और तब तक मेरे अंदर एक जानवर जाग चूका
था, मेरा मन कर रहा था की
अंदर घुस जाऊ पर मुझे डर लग रहा था की कही वो जाके मोम को न बोल दे वरना फिर मेरी
गांड लग जाती
मैं फिरसे सोचा पर अब बहुत हो चूका था और फिर में अंदर घुस गया और कुण्डी लगा दी मैं उसके पैर के पास घुन्तो के बल बैठ गया और पैर से चूमता हुआ उपर की तरफ बदने लगा, वो हल्की हल्की सिसकिय भर रही थी, मेने फिर उसकी स्कर्ट को बहुत ही धीरे से उठाया और फिर उसके जांघों को चूमने लगा और चुमते चुमते एक दम उसके चुत के करीब पहुच गया, उसके चुत से अजीब सी महक आ रही थी मीठी मीठी सी, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मन तो कर रहा था की उसके स्कर्ट में सर रख के सो जाऊ
मुझे लाल रंग की
पेंटी बहुत पसंद हे और उसने भी उसी रंग की पेंटी पहनी हुई थ, मेने उसकी पनटी को देखा तो दिखा की उसकी पनटी
में छोटे छोटे पानी के बूंदों के कारण गीली थी मेने धीरे धीरे उसकी पेंटी खिचने लगा ताकि वो
जागे न, उसकी पेंटी मेने निचे तो
कर ली थी पर एक जगह पे आके अटक गयी उसके निचे नही हो रहा था और होता भी नही जब तक
वो अपने पेरो को न हिलातीमैं कोशिः किया पर वो जाग गयी और झटके से उठ गयी, में फट से उसके मुह पे हाथ रख दिया और वो मुझे
आँखे फाड फाड के देखने लगी मैं उसके चुचो को दबाने लग गया और वो शांत हो गयी और में
उसके चुचो को दबाते रहा फिर मेने अपनी एक ऊँगली उसकी चुत में डाल दी और अंदर
घुमाने लग गया
वो अब जोर जोर से गर्म साँसे भरने लगी और फिर अपनी आँखे बंद कर ली, अब वो भी मज़े ले रही थी इसीलिए मेने उसके मुह से हाथ हटा दिया और उसकी चुत में ऊँगली करता रहा फिर में उठा और उसके शर्ट के सारे बटन खोल दिया और उसके ब्रा को भी खोल दिया, अब उसके बड़े बड़े चुचे मेरे सामने ऐसे ही रखी हुई थी, मेने झट से उन्हें पकड़ लिया और उन्हें मसलने लग गया मेने फिर उसके एक निप्पल को मुह में भर लिया और दूसरे को हाथ से दबाते रहा उसके निप्पल धीरे धीरे एक दम कडक हो गए, में अपने मुह से उसके निप्पल के साथ खेलता रहा और अपने दूसरे हाथ से उसके जांघों पे फेरता रहा
मेने उसके चुचो
को छोड़ दिया और फिर उसके जांघों को मसलने लग गया,जांघों को मसलते मसलते में फिर से चुत के पास आ गया और अब
जोर जोर से कराहने लग गयी मेने अब अपना ध्यान उसके चुत पे किया और उसके चुत एम् ऊँगली
करने लगा, उसकी चुत बहुत ही कसी हुई
थी क्यों की वो अब तक एक दम नयी कुंवारी लड़की थीउसके चुत से खून से सिवा आज तक
कुछ नही निकला था, इसीलिए एक दम कसी
चुत थी
मेने उसके चुत के उपरी हिस्से को अपने ऊँगली से मसलने लगा गोल गोल कर के और वो कराहने लगी और जोर से और खुद ही अपने चुचो को मसलने लग गयी वो अब और अपने आप को नही रोक प् रही थी और अंत में सुने अपना मुह खोल ही दिया और बोली न्हीईई मुझे कुछ हो रहा हे, ये आप क्या कर रहे हो ह्म्म्म्म्म्म अह्ह्ह्ह्ह्ह वो ऐसे बोले जा रही थी और में उसकी चुत के उपरी हिस्सों को गोल गोल करके ऊँगली फेरने लगा
मेने फिर अपना
मुह रख दिया उसकी चुत पे और अपने होठो से उसकी चुत की पंखडियो को खिचने लग गया और
उसकी चुत के उपरी हिस्से को अपने होठो से काटने लग गया उसकी चुत अब गुलाबी रंग का हो गया था और सूझ
गया था, में फिर भी उसकी चुत को
चाटने में लगा हुआ था और अब उसके लिए ये बहुत जादा हो गया था और वो अपने आप को रोक
नही पाई और झड गयी, वो उस समय अपने
जिंदगी में पहली बार झडी थी
मैं झट से उसके
चुत रस को चाटने लग गया और पूरा साफ़ कर दिया और साफ़ करने के बाद फिर से उसकी चुत
पे जीभ कस कस के फेरने लगा और अब वो फिरसे गर्म होने लग गयी और कुछ ही देर में
फिरसे झड गयीवो बोली की और मुझे परेशां मत करो, जो करना हे जल्दी करो उसके बाद में खड़ा हो गया और उसे किनारे पे
लेटा दिया और उसकी कमर पकड़ के अपने लंड की तरफ खीचा और फिर लंड उसके चुत पे रख के
रगड़ने लग गया वो अब कराहने लग गयी फिरसे और मुझसे छुटने की कोशिश कर रही थी पर
मेने कस के पकड़ रखा था उसे मैं झुक के उसके चुचो को पकड़ लिया और जोर जोर से उसके चुत
पे लंड रगड रहा था और रगड़ते रगड़ते मेने झट से उसकी चुत में लंड डाल दिया और वो
एक दम से आआआआआआ ईईईईईई ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह कर के रोने लग गयी जेसे ही उसकी चुत
के चीथड़े हो गए थे मेने उसके होठो पे होठ रख दिया और फिर लंड को अंदर बाहर करने लग गया, और अंदर बाहर करता रहा
कुछ देर के बाद वो फिर से कराहने लग गयी और अपनी कमर उठाने लग गयी मैं अपने लंड को उस्किक हट की गहराई तक उतारने लग गया और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, क्युकी हम दोनों ही कुंवारे थे और हम दोनों की चुदाई ने एक दूसरे का कुंवारापन तोड़ दिया वो अब खुद ही अपने चुचो को मसलने लग गयी क्युकी वो मेरे लंड का भरपूर मज़ा ले रही थी
कुछ देर तक ऐसे ही चला और फिर हम दोनों एक साथ ही झड गए मैं उसी के उपर लेट के थोडा आराम किया और फिर जब जाने लगा तो वो बोली की पैसे दो, वरना आंटी को बता दूंगी मेने बोला अभी लाया नही हूँ, शाम को मुझसे चुपके से ले लेना उसदिन से अब ये मुझसे पैसे लेके चुदवाती हे और ये मेरी खुद की प्राइवेट नोकरनी बन गयी घर का काम अलग करती थी और मेरी सेवा पानी अलग छुप छुप के करती थी
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें