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मामी ने मुझे चुदाई करना सिखाया (Mami ne chudai karna sikhaya)

हैल्लो दोस्तों, जब में 18 साल का था। में अपने मामा-मामी के पास रहता था, क्योंकि मेरे माँ नहीं थी और पापा ज़्यादातर बिज़नेस के सिलसिले में बाहर ही रहते थे। मेरे मामा भी बाहर जाते रहते थे,मेरे मामा का छोटा सा गाँव था, जहाँ में मामी और उनकी लड़की धारा के साथ रहता था। मेरी मामी की उम्र 35 साल और धारा की उम्र 12 साल थी, उनका घर छोटा था, हम सब एक ही रूम में सोते थे और जब मामा आते थे, तो में और धारा एक रूम में और मामा-मामी बरामदे में सोते थे।

मैंने कई बार नोट किया था कि उनका एक बेड बिल्कुल साफ रहता था जबकि दूसरा बुरी तरह से अस्त व्यस्त था। अभी तक मुझे सेक्स का ज़्यादा नहीं पता था, लेकिन एक दिन जब हम सो रहे थे तो सुबह करीब 4-5 बजे मेरा पज़ामा कुछ गीला-गीला लगा तो में समझा की शायद पेशाब निकल गया है। तो में शर्म के मारे रोने लगा और मामी को उठाकर कहा कि शायद मेरा मूत निकल गया है।

फिरपहले तो वो बहुत गुस्सा हुई, लेकिन जब उन्होंने देखा कि बिस्तर ठीक है सिर्फ़ पज़ामा गीला हुआ है और वो भी मूत ना होकर कुछ गाड़ा सफेद पानी है, तो वो मुस्कराने लगी। अब में और ज़ोर से रोने लगा था। फिरतभी वो बोली कि तुम्हें कुछ नहीं हुआ, इस उम्र में यह सब होता है। तो मैंने पूछा कि क्या होता है?तो वो बोली कि तुमने कोई गंदा सपना देखा होगा इसलिए ऐसा हो गया है, जाओ साफ करके पज़ामा बदल लो, लेकिन मेरा लंड अब भी तना हुआ था और उससे कुछ निकल रहा था।

फिर मैंने मामी को बताया, तो वो बोली कि कोई बात नहीं निकलने दो, में सुबह धो दूँगी। मेरी मामी की एक गंदी आदत थी,उनके सुबह उठते ही उनको शौचआ जाती थी और हमारे घर में टॉयलेट भी नहीं था।

फिर उस दिन भी ऐसा ही हुआ, लेकिन अंधेरा होने के कारण वो डर रही थी। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि में साथ चलूँ। अब हमने दरवाजा बाहर से लॉक कर दिया था, क्योंकि धारा सो रही थी और फिर हम टार्च लेकर शौच के लिए निकल गये। मामी ज़्यादा दूर नहीं गई और घर के पास ही झाड़ियों के पास जाकर बोली कि में यही बैठ जाती हूँ, तुम भी कर लोऔर फिर वो अपनी साड़ी ऊपर उठाकर पेंटी नीचे करने लगी, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। फिर वो बैठ गई,अब में भी अपना पज़ामा खोलकर उनके नजदीक ही बैठ गया था। अब मामी को हवा चलने से डर लग रहा था। फिर जैसे ही झाड़िया हिलतीतो वो कहती देखो कोई सांप तो नहीं है ना? तो में टार्चसे चारो तरफ़ देखता।

फिर ऐसे में एक बार टार्च की रोशनी मामी पर भी पड़ गईतो मुझे उनकी गोरी-गोरी जांघे दिखाई दी, तो मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा, तो मामी कुछ नहीं बोली। फिर तो मैंने टार्चकई बार उनपर की और फिर बाद में जब वो हाथ धोने लगी, तो मैंने फिर से टार्चउनपर कर दी,तो मुझे पहली बार मामी की झांटो से भरी चूत दिखाई दी। अबमेरा लंड एकदम से कड़क हो गया था। फिर बाद में मैंने उन्हें टार्च दी और हाथ धोने लगा, तो मामी ने टार्चमेरी तरफ कर दी।

अब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा था,तो वो देखकर भी उन्होंने टार्चनहीं हटाई। फिर हम घर आ गये,तो तभी मामी मुझसे बोली कि अब तो तुम कई बार पज़ामा गंदा किया करोगे। तो मैंने पूछा कि क्यों?तो वो बोली कि अब तुम जवान जो होने लगे हो। तो मैंने कहा कि कैसे?तो वो बोली कि तुम्हारे शरीर पर बाल जो आने लगे है। फिर मैंने कहा कि कहाँ पर?तो वो बोली कि बगलों में और पेट के नीचे। तो मैंने कहा कि तो में क्या करूँ? तो वो बोली कि किसी लड़की से दोस्ती कर लो।

फिरमैंने पूछा कि उससे क्या होगा? तो वो बोली कि पहले कर लो, फिर सब समझ जाओगे। तो मैंने कहा कि मेरी तो कोई दोस्त नहीं है, आप ही बन जाओ, प्लीज। फिर वो मुस्करा दी और नहाने चली गई। फिर एक रात को फिर से मेरे लंड से कुछ निकला तो तब में मामी के बारे में ही सपना देख रहा था। फिर में चुपचाप उठकर पज़ामा बदलने लगा,लेकिन मामी जाग गई थी तो उन्होंने पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं,लेकिन वो नहीं मानी और उठकर मेरा पज़ामा देखने लगी।

उसपर सफेद गाढ़ा वीर्य लगा हुआ था। फिर उन्होंने उसको सूंघा और मुस्कुराई और बोली कि शैतान फिर से गीला कर दिया। फिरमैंने कहा कि में तो नींद में था, पता नहीं अपने आप हो गया। फिरतभी वो बोली कि कोई बात नहीं,लेकिन अब मुझे शौच करने लिए बाहर जाना पड़ेगा, तो मुझे फिर से उनके साथ जाना पड़ातो इस बार में उसके पास ही बैठकर शौच करने लगा।

फिर तभी मामी ने मुझसे पूछा कि सच बताओं जब तुम्हारा पज़ामा गीला हुआ तो तब तुम क्या सपना देख रहे थे? तो मैंने कहा कि सपने में आप ही थी। तो वो बोली कि चल शैतान मामी पर लाईन मारता है। अब में बीच-बीच में टार्चकी रोशनी में उनकी चूत भी देख लेता था और उसकी रोशनी में उन्हें मेरा लंड भी दिख रहा था। अब मेरा लंड खड़ा था, जिसे वो लगातार देख रही थी। फिर उन्होंने पूछा कि अच्छा में सपने में क्या कर रही थी? तो में बोला कि आप कपड़े बदल रही थी और में छुपकर देख रहा था,तो तभी ये हो गया।

फिरवो बोली कि तुमने क्या देखा?तो मैंने कहा कि आपकी पूरी बॉडी। तो वो बोली कि नाम लेकर बताओ। तो में बोला कि आपके स्तन,योनि और गुदा जिसके कारण ऐसा हुआ। तो तभी वो हंसकर बोली कि मुझे किताबी नाम नहीं नार्मल नाम बताओ और उनमें से कौन सा पार्ट सबसे अच्छा लगा?तो मैंने कहा कि आपकी चूचीयाँ, चूत और गांड, लेकिन गांड सबसे अच्छी लगती है।

फिर वो थोड़ी शर्मा गई और चुप हो गईऔर फिर वो बोली कि तुम ऐसे कब तक रात को परेशान होते रहोगे?तो मैंने कहा कि में क्या करूँ?तो वो बोली कि दिन में अपने हाथ से निकाल दिया करो। फिरमैंने पूछा कि कैसे? तो उन्होंने बताया कि अपने इस तंबू जैसे लंड को अपने हाथ में लेकर मुठ मारलिया करोतो फिर रात को नहीं निकलेगा। फिरमैंने कहा कि मुझेनहीं आता, प्लीज आप सिखा दो। फिर वो बोली कि देखूंगी, जब धारा घर पर ना हो तब। तो मैंने कहा कि ठीक है, आज मामी की चूत पर बाल नहीं थे और उनकी चूत बहुत चमक रही थी। फिर हम घर आ गये।फिर दोपहर को जब धारा पड़ोस में गईतो मैंने मामी से कहा कि अब सीखा दो। फिर वो बोली कि अभी में नहा लूँ, बाद में। तो मैंने कहा कि नहाना तो मुझे भी है, क्या में आपके साथ नहा लूँ? तो वो बोली कि ठीक है वहींसिखा दूँगी, तेरा पज़ामा भी गंदा नहीं होगा।

फिर हम दोनों बाथरूम में आ गयेतो तभी वो बोली कि चलो अपने कपड़े निकाल दो,में पहले तुम्हें नहलाती हूँ। फिरमैंने फटाफट से अपने कपड़े निकाल दिए। तो वो मेरे लंड को देखकर बोली कि तुम तो पूरे जवान हो गये हो और फिर अपना एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया,तो मुझे बहुत अच्छा लगा। अब वो सिर्फ़ पेटीकोट और ब्रा में थी, जिससे उनकी चूची साफ-साफ दिखाई दे रही थी। अब मेरा लंड तन चुका था। तो तब वो बोली कि क्या मन हो रहा है अभी?तो मैंने कहा कि आपकी चूत देखने का। फिरये सुनकर वो बोली कि क्या करोगे देखकर? तो मैंने कहा कि मुझे अच्छी लगती है बस। फिर इस पर उन्होंने अपना पेटीकोट ऊपर उठा दियातो मैंने कहा कि प्लीज इसे निकाल दो। फिर उन्होंने अपना पेटीकोट और ब्रा दोनों खोल दिए,मैंने पहली बार किसी औरत को नंगा देखा था।

अब उनकी चिकनी चूत चमक रही थी और वो अपने एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थी। फिरमुझसे रहा नहीं गया तो मैंने भी अपने एक हाथ को उनकी चूत पर रख दिया,उनकी चूत गर्म और गीली थी,लेकिन मामी कुछ नहीं बोली और मेरे लंड को तेज़ी से हिलाने लगी। फिर तभी मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी। फिर वो जोर- जोर से सिसकारियां लेने लगी और ज़ोर-ज़ोर से मेरी मुठ मारने लगी थी। अब में भी उनकी चूत में अपनी एक उंगली अंदर बाहर कर रहा था और अपना दूसरा हाथ उनकी चूची पर रखकर दबा रहा था।

अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मामी भी आअहह,ऊहहहहह की आवाजे निकाल रही थी। फिर करीब 5 मिनट के बाद मुझे ऐसा लगा किमेरा शरीर अकड़ गया है और मेरा लंड फटने वाला है। फिर तभी मैंने मामी से कहा कि अया मामी मुझे क्या हो रहा है? में आआआआ पिघलने वाला हूँ। तो वो और तेजी से अपना हाथ चलाने लगी, तो तभी अचानक से मेरे लंड से सफेद गाढ़ा वीर्य निकलने लगा। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में मामी की चूत में ज़ोर-ज़ोर से उंगली कर रहा था।

अब मेरा पानी उनके हाथऔर उनकी जाँघो पर गिर गया था, लेकिन वो नहीं रुकी। फिर करीब 2 मिनट के बाद मेरा लंड शांत हुआ। फिर मामी बोली कि किसी को बताना नहीं औरफिरउन्होंने मुझे नहलाया। 

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