हैल्लो दोस्तों, जब में कॉलेज में
था तो एक घटना हुई थी। मेरे पापा का एक्सिडेंट हुआ था। हमारे घर में मेरी बहन, माँ और पापा है।
मेरी बहन शादीशुदा थी और पापा के एक्सिडेंट की वजह से वो भी हमारे घर थोड़े दिनों
के लिए आई है। पापा को उसी दौरान अटेक भी आया था। मेरी माँ पढ़ी लिखी थी और उसने
ब्यूटी और मसाज़ पार्लर भी खोला था, लेकिन वो भी कुछ दिनों के लिए बंद था। अब
धीरे-धीरे पापा थोड़े ठीक हो गये थे। फिर पापा और बहन ने माँ से कहा कि तुम पार्लर
क्यों बंद कर रही हो? कम से कम तुम्हारा दिन तो निकल जायेगा और तुम
पार्लर में जाना चालू करो।
फिर पापा ने कहा
कि में थोड़ा-थोड़ा मेरा काम कर सकता हूँ और तुम्हें मेरे लिए पूरा दिन घर बैठने
की ज़रूरत नहीं है और वैसे भी छोटू तो है ना। छोटू हमारा घर का नौकर है और वो एक
बच्चा है। हम उसे स्कूल में भी भेजते है। फिर सब के समझाने के बाद माँ ने हाँ कह
दिया और फिर थोड़े ही दिनों के बाद मेरी बहन भी अपने घर चली गई। अब घर में पापा, छोटू और माँ हम
ही थे। में सुबह हमेशा जिम जाता था और जिम के सर मेरी मसाज करते थे। में एक
हट्टा-कट्टा बॉडी वाला हूँ। मेरी माँ भी जल्दी उठती थी।
माँ का नाम माला
है और उसकी उम्र 50 साल है। वो थोड़ी मोटी, सुंदर और कामुक है। उसके
बड़े-बड़े बूब्स और कूल्हों को देखकर तो कोई भी पागल हो जायेगा। मैंने नोटिस किया
है कि जब पापा के दोस्त घर आते है तो वो भी माँ की गांड को बड़ी ही वासना की नज़र
से देखते थे। वो उसकी हर हरकत को वासना की नज़र से देखते थे। शायद ये माँ को मालूम
था, लेकिन माँ ने उनकी तरफ कभी ध्यान नहीं दिया था।
एक दिन में कपड़े
बदल रहा था तो तभी मेरी माँ ने मुझे देख लिया, लेकिन मैंने उन्हें ऐसे
दिखाया कि मुझे कुछ मालूम नहीं है। फिर थोड़े ही दिनों के बाद मैंने माँ में अजीब
सा परिवर्तन देखा, वो हमेशा मेरे नज़दीक आने लगी और मुझे किसी ना
किसी बहाने से टच करने लगी। तभी वो बोली कि अरे तुझे तो मसाज़ की ज़रूरत है। तू
दोपहर को मेरे पार्लर पर आ जा, अगर तू आ रहा है तो में पार्लर आज दोपहर को खुला
रखती हूँ।
फिर मैंने कुछ
जवाब नहीं दिया और में कॉलेज चला गया। उन दिनों परीक्षा के दिन थे तो में कभी-कभी
लेट या जल्दी आता था। फिर में रात को देर से घर आया और पापा ने कहा कि तू आज दोपहर
को माँ के पार्लर पर क्यों नहीं गया? माँ तेरा इंतजार कर रही थी। मैंने कहा कि मुझे
कुछ काम था। फिर पापा ने कहा कि माँ बोल रही थी कि तेरी बॉडी की मसाज़ करनी ज़रूरी
है तो मैंने कहा कि मेरी मसाज़ जिम के सर करते है तो पापा ने कहा कि कोई बात नहीं
इस बार तेरी माँ करेगी। तभी माँ आई और उसने कहा चल अब खाना खा ले और कल आ ही जाना, तो मैंने हाँ
कहा।
फिर दूसरे दिन
में 3 बजे माँ के पार्लर में गया। माँ ने कहा था कि शुक्रवार को आना क्योंकि लाईट
कटौती की वजह से लाईट नहीं होती है इसलिए माँ कभी-कभी पार्लर शुक्रवार को शाम 7
बजे के बाद खोलती है। फिर में पार्लर में गया। पार्लर आगे से बंद था में जानता था
कि पिछला दरवाजा खुला है। फिर में अंदर गया और माँ मेरा अंदर ही इंतजार कर रही थी।
फिर माँ बोली चल अब अपने कपड़े उतार, फिर मैंने मेरा शर्ट निकाला, फिर बनियान निकाल
दिया और मसाज़ बेंच पर बैठ गया।
अब माँ भी उठी और
बोली कि इतना क्या शरमा रहा है? अपनी पेंट तो उतार दे। फिर मैंने अपनी जीन्स
उतारी और अब में अपनी चड्डी में था तो माँ फिर बोली कि अरे ये चड्डी तो उतार, क्या कर रहा है? मसाज के वक़्त
ओपन और फ्री होना चाहिए। फिर मैंने मेरी चड्डी भी निकाली। अब माँ उठी और उसने काली
फूलों की साड़ी पहनी थी। वो साड़ी पारदर्शी नहीं थी, फिर उसने अपनी साड़ी
उतारी और अब वो मेरे सामने ब्लाउज और पेटीकोट में आ गई।
फिर मैंने कहा आज
तुम्हारा मसाज गाउन कहाँ है? तो माँ ने कहा गाउन तो और के लिए होता है। मुझे
तेरे सामने क्या शर्माना? फिर ऐसा कहकर उन्होंने अपनी साड़ी निकाल कर
बाजू में फेंक दी। अब वो मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज पहने थी। उसके बड़े-बड़े
बूब्स देखकर मेरा लंड चड्डी में ही मुझे परेशान करने लगा। फिर उसने मसाज का तेल
अपने हाथों पर लगाया और मेरे हाथों की मसाज़ करने लगी। फिर उसने मेरा हाथ अपने
कधों पर रखा, लेकिन मेरा ध्यान बीच-बीच में उसके बूब्स पर जा रहा था। वो
उसे मालूम था।
फिर बाद में उसने
मुझे मसाज़ बेड पर लेटने को कहा। मसाज़ बेड थोड़ा ऊँचा था। फिर में लेट गया और वो
मेरे सिर के पास खड़ी रही और तेल लेकर मेरी छाती पर लगाने लगी। अब तो उसके बूब्स
मेरे सर के ऊपर ही थे, मेरा मुँह बार-बार उसके बूब्स पर लग रहा था। अब
मेरा लंड पूरा खड़ा हुआ था और मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था।
अब में माँ का
मुँह देख नहीं पा रहा था, क्योंकि वो बिल्कुल ही मेरे सिर के पीछे खड़ी
थी। उसके बड़े-बड़े बूब्स की वजह से में माँ का मुँह देख नहीं पा रहा था, लेकिन अब मेरा
लंड 180 डिग्री में खड़ा हुआ था और उसकी वजह से मेरी चड्डी का शेप भी अजीब सा हो
रहा था। अब मेरा लंड चड्डी से बाहर आने की कोशिश कर रहा था। शायद माँ को ये मालूम
था तो माँ बोली कि चल अब अपनी छाती के बल सो जा और अपने हाथ बेड पर रख।
वो अब भी वहीं
खड़ी थी और मेरी पीठ की मसाज़ कर रही थी। अब तो मेरा मुँह माँ के बूब्स के बिल्कुल
ही सामने ही था। माँ के बूब्स इतने बड़े थे कि वो भी ब्लाउज के बाहर आ रहे थे उनकी
हर हरकत की वजह से ऐसा लग रहा था कि वो अभी ब्लाउज फाड़कर बाहर आ जायेंगे। अब मेरा
मुँह भी माँ के बूब्स को टच कर रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़
रहे है।
फिर माँ ने कहा
कि चल अब बैठ जा मुझे तेरे पैरों की मसाज़ करनी है, लेकिन आपको क्या बताऊँ? मेरा लंड चड्डी
से बाहर आ गया था और माँ भी मेरे सामने ही थी। फिर वो बोली कि चल बैठ और अब वो
मेरे सामने आकर खड़ी हुई और फाईनली मुझे उठकर बैठना ही पड़ा। अब में मसाज़ बेड पर
बैठा था और माँ मेरे सामने खड़ी थी और मेरा लंड चड्डी के बाहर था और वो माँ ने भी
देख लिया था और फिर उसने मेरी तरफ देखा तो उसकी नज़र एक वासना की थी।
अब मुझसे भी रहा
नहीं गया तो मैंने मेरा हाथ सीधा माँ के बूब्स पर रखा और उसका एक बूब्स हल्का सा
दबाया। माँ के मुँह से आआआआआअ की आवाज़ निकली। फिर उसने भी मेरा लंड हल्के से
पकड़ा, फिर क्या था? मैंने मेरा हाथ माँ के दोनों बूब्स पर रखा और
उन्हें दबाना चालू कर दिया। फिर मैंने उनका ब्लाउज खोला और उसके एक बूब्स को मुँह
में लेकर चाटना-चूसना चालू कर दिया और दूसरे हाथ से माँ के दूसरे बूब्स को दबाने
लगा, अब मैंने अपना एक हाथ सीधा माँ के पेटीकोट में डाला और
पेटीकोट खोल दिया।
अब मैंने सीधे
माँ की पेंटी भी खोल दी और एक उंगली ज़ोर से माँ की चूत में डाल दी और बोला माला
तू तो सचमुच की ही माल है। में तुझे माँ नहीं माला कहूँगा। अब मेरी उंगली ज़ोर-जोर
से उसकी चूत में जाने के कारण अचानक से माँ के मुँह से भी आवाज़ आई औचह आआआआ म्म्म्म
आअहह, तेरा ये जिम का शरीर और ये बड़ा लंड मेरी चूत में घुसा दे।
जब से मैंने तुझे
बिना कपड़ो के देखा है तब से मैंने तुझे मेरा बेटा मानना छोड़ दिया है। तू तो अब
मेरा पति है आआआआआ जो अब से रोज मेरी चूत और गांड को मारेगा, आआआअ म्म्म्ममममममममम
सालों से मैंने सेक्स नहीं किया है और अब तो वो हो भी नहीं सकता क्योंकि तेरे पापा
अब सेक्स नहीं कर सकते है आआआआअ। फिर से मैंने मेरी उंगली ज़ोर से माँ की चूत में
डाली औचह आआआआआ म्म्म्मम मसाज़ तो एक बहाना है, मैंने तुझे इसलिए ही तो
यहाँ बुलाया है।
फिर में माँ से
बोला कि माला में आज पहले तेरी गांड मारना चाहता हूँ तो माँ बोली और चूत का क्या? तो में बोला वो
भी मारूँगा, लेकिन बाद में मारूँगा। तो माँ बोली ठीक है तू तो अब मेरा
पति है जैसा आप बोलोगे में वैसा ही करुँगी और माँ मुझे अपने आप इज्जत देकर बोलने
लगी और में माँ को माला बोलने लगा। अब वो मेरा बड़ा मोटा लंड देखकर बोली कि आपका
तो ये लंड मेरी गांड से खून निकाल देगा, तो मैंने बोला चल अब
उल्टी खड़ी हो जा।
अब माँ की पीठ
मेरी तरफ थी। फिर मैंने माँ की पीठ को चूमना चालू किया। फिर माँ बोली कि आआआआ म्म्म्मम
अब शुरू हो जाओ और लंड डालो मेरी गांड में। फिर भी में उसे चूम रहा था। तभी मैंने
देखा कि वहां मसाज़ तेल रखा था, लेकिन माँ को मालूम नहीं था। अब में माँ की पीठ
को एक तरफ चूम रहा था और एक हाथ से उनके बूब्स दबा रहा था और और दूसरे हाथ से
मैंने मसाज़ तेल मेरे लंड पर लगा लिया था।
अब मेरा लंड पूरा
तेल से भर गया था। फिर माँ बोली कि डालो ना। मैंने देखा कि माँ का इतना ध्यान नहीं
था और मैंने एक हाथ से माँ की गांड को फैलाया तो माँ ने भी अपनी गांड थोड़ी फैलाई।
तभी मैंने मेरा लंड माँ की गांड पर रखा और एक ज़ोर का झटका दिया तो माँ जोर से
चिल्लाई औचह आआाऊऊ आईइईईईईईई आप तो मेरी गांड फाड़ रहे हो आआआआ आआआअ और में
ज़ोर-जोर से झटके देने लगा और ज़ोर से झटके देने से में पूरी तरह से गर्म हो गया
था।
में बोला कि माला
आज तो में तेरी गांड में पूरा पानी डाल दूँगा। में मेरी पूरी ताकत तेरी गांड में
डाल दूंगा और में जोर-जोर से झटके देने लगा और लाईट भी गई थी और गर्मी भी बहुत थी
और ऊपर से सेक्स करने से हम दोनों का बदन पसीने से भर गया था। अब में मेरे लंड को
माँ की गांड में जोर-जोर से अंदर बाहर कर रहा था। तेल और पसीने से पच पच की आवाजें
आ रही थी। अब माँ चिल्ला रही थी और वो भी अपनी कमर जोर-जोर से हिला रही थी। अब माँ
के मुँह से ऐसी आवाज़े आ रही थी, आआआहा म्म्म्मममम ऊऊऊऊहह, उसी वजह से
मुझमें भी और जोश आ रहा था और में गर्म हो गया था।
अब एक तरफ में
माँ की गांड मार रहा था और दूसरी तरफ माँ के बूब्स को जोर-जोर से दबा रहा था। माँ
बोलने लगी कि आआ आआआहा थोड़ा धीरे आआआहा आआआहा थोड़ा धीरे। अब तेरे लंड का पानी
डाल दे आआआहा आआआहा अब रहा नहीं जाता, दर्द हो रहा है, आआआहा आआआहा, थोड़ा धीरे। फिर
में बोला बस अब थोड़ी ही देर में पानी निकल जायेगा। फिर मैंने झटके और जोर से मारे
तो माँ बोली कि आआआहा आआआहा थोड़ा धीरे आआआहा आआआहा थोड़ा धीरे और मैंने आखरी झटका
मारा और मेरे लंड का पानी माँ की गांड में गिर गया।
तभी माँ बोली आआआआ क्या पानी है? हाईईईई में मर गई हाय ये गर्म पानी और कितना सारा है। ऐसा लगता है तूने पूरा का पूरा जिम का पानी मेरी गांड में डाला है हाईईईईई आआआआमम्म्म, अब समझा तुझे मैंने यहाँ क्यों बुलाया? सेक्स की वजह से कल तू और भी जोश से कसरत करेगा और हाँ मसाज की तुझे नहीं बल्कि मुझे ज़रूरत थी, जो तूने मेरी आज की है। उसके बाद अगली बार मैंने माँ को मसाज़ पार्लर में चोदा और उसकी जमकर गांड भी मारी और चूत भी मारी
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें