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जेठ जी के साथ खेत चुदाई के मजे

एक बार मे जेठ जी का खाना लेकर खेत गई तो मैंने देखा के जेठ जी उस पड़ोस की औरत के साथ कर रहे हैं तो मैं उन्हें छिपकर देखने लगी। राज ने उसे घोड़ी बना रखा था और उससे किये जा रहे थे। फिर राज ने मुझे देख लिया तो वो मेरी तरफ मुस्कुराने लगे फिर मैं भी मुस्कुरा दी। फिर मैंने भी अपनी सलवार खोल दी और उंगली करने लगी। मैं उन्हें देखकर काफी गर्म हो चुकी थी। फिर राज झड़ गए तो वो औरत अपने कपड़े पहनकर चली गई और फिर मैं राज के पास आ गई और आते ही नंगी हो गई और राज का लंड चुसकर फ़ी से खड़ा करने लगी। फिर राज का खड़ा हो गया तो उन्होंने मुझसे किया और फिर उन्होंने खाना खाया। कई बार तो मैं उन्हें खाना खिलाते ही आ जाती और कई बार शाम को ही आती थी। फिर दिन में हम खेत मे काफी मजे करते।

 

घर पर एक नौकर रखा हैं वो कई सालों से हमारे घर पर ही काम कर रहा हैं। तब तो उसकी उम्र 35-40 साल के लगभग थी। वो पशुओ वगेरह का काम करता था और खेत के कामों में राज की हेल्प करवाता था। उसकी शादी नही हुई थी तो उसका कोई परिवार भी नहीं था। मैं खेत मे जाती तब राज उसे घर पर भेज देते थे। एक दिन राज मुझसे कर रहे थे तो वो वहाँ आ गया। पर राज मुझसे करते ही रहे और साथ मे उससे बातें करते रहे। फिर राज ने मुझसे कर लिया तो वो साइड होकर बैठ गए और मैं अपने कपड़ों से अपना शरीर ढकने लगी। फिर राज बोले इससे कुछ छुपाने की जरूरत नहीं हैं। फिर राज उसके बारे में बताने लगे के वो कुंवारा ही हैं अभी तक। बेचारे को दिखा दो के नंगी औरत कैसी लगती हैं। फिर पहले राज ने उसे नंगा किया और फिर मैं अपने बूब और चूत अपने कपड़ों से ढक कर बैठी थी तो राज ने मेरे कपड़े खींच लिए और मुझे भी नंगा कर दिया उसके सामने। फिर राज ने मुझे सुलाया और फिर मेरे ऊपर आकर मेरे बूब चूसने लगे।

 

वो नौकर बैठा बैठा हमें देखता रहा। फिर राज गर्म हो गए तो उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और उसके सामने ही करने लगे। वो भी बैठा बैठा अपना लंड सहला रहा था। फिर राज झड़ गए तो वो साइड होकर सो गए। मैं पैर फैलाये ही पड़ी थी। फिर राज ने उसे हमारे पास बुलाया तो मेरी तरफ आकर बैठ गया और साथ में अपना लंड हिलाए जा रहा था। फिर राज बोले आज देख ले अच्छी तरह से। फिर राज ने उसका हाथ मेरे बूब पर रख दिया तो राज मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दिए और फिर मैं भी हँसने लगी। फिर राज मुझसे बोले के ये किसी को कुछ नहीं बताएगा। तुम इसके साथ कुछ भी कर सकती हो। फिर मेरे मन मे भी उससे मजे लेने का ख्याल आया तो मैंने एक हाथ से उसका लंड पकड़ लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी। मेरे लंड पकड़कर हिलाने से उसे काफी मजा आ रहा था। फिर वो झड़ने लगा तो उसके लंड का मुँह मेरी तरफ था और उसका पानी निकलकर मेरे पेट पर पड़ने लगा।

 

फिर वो झड़ गया पूरा तो राज बोले ये क्या किया हैं तुमने। फिर राज बोले के साफ करो इसे। तो उसने मेरा सूट उठाया साफ़ करने के लिए फिर राज बोले के इससे साफ नहीं करना जीभ से चाटकर साफ करना हैं तो वो मेरा पेट चाटने लगा। फिर मैं भी उससे चटवाने लगी। फिर राज ने उससे मेरी चूत भी चटवाई। मुझे काफी मजा आ रहा था। फिर राज ने मुझसे एक बार और किया। फिर शाम हो गई तो मैं घर आ गई। उस दिन के बाद से मैं नौकर के सामने नंगी हो जाती और उससे मजे करती पर उससे चुदवाया नहीं। जहाँ पशु बंधे रहते हैं वहाँ ही टॉयलेट हैं। तो मैं टॉयलेट नंगी ही जाकर आ जाती क्योंकि घर में तब नंगी ही रहने लगी थी।

 

सास की चूत में भी मैं उंगली करने लगी थी तो सास भी मुझसे काफी खुश रहने लगी थी। फिर सास को जो कुछ मिलता वो अपनी चूत में डाल लेती। सास ने मुझसे कहा के ससुर लगभग बीमार रहते थे तो कभी ठीक तरीके से उन्होंने उनसे किया ही नहीं। फिर मैं बोली के कोई बात नहीं आप अब मजे करलो। सास बोली के अब मजे कैसे करूँ बेटे बड़े हो गए हैं वो क्या कहेंगे औऱ कहीं बाहर पता चल गया तो इज्जत चली जायेगी। फिर मैं बोली के कुछ नहीं होगा ऐसा। मैं सब सही कर दूँगी।

 

राज मम्मी के बूब अब रोजाना चूसने लगा था और मम्मी भी राज को मजे लेकर चुसवाने लगी थी। फिर एक दिन शाम को खाना खाने के बाद मैं राज औऱ सास अंदर आँगन में ही नंगे बैठे थे। फिर पहले तो राज मम्मी के पास बैठे था और उनके बूब चूस रहे थे। राज मम्मी के बूब चूस चूस कर लाल कर देते थे। फिर राज मेरे पास आकर बैठ गए और मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया सास के सामने ही। फिर मैं भी उनका लंड सहलाने लगी। राज का पूरा खड़ा हो गया तो राज ने मुझे वहीं चारपाई पर सुला लिया और मेरे ऊपर आकर लंड मेरी चूत में डालकर करने लगे। सास ने हमे कुछ नहीं बोला और वो भी हमें देखकर अपनी चूत सहलाने लगी। राज कर रहे थे तो सास बोली के आराम से कर मारेगा क्या बेचारी को। फिर सास खड़ी होकर हमें देखने लगी और इधर उधर घूमने लगी और साथ मे अपनी चूत भी सहला रही थी। उस दिन के बाद से सास के सामने राज मुझसे कभी भी करने लग जाते थे।

 

एक बार राज रात को खेत मे गए थे। उस रात लाइट नहीं थी। पहले मैं औऱ सास अंदर आँगन में ही बैठी थी और एक दूसरे के उंगली कर रही थी। हमें वहाँ गर्मी लग रही थी तो सास बोली के बाहर चौकी पर चलते हैं वहाँ हवा लगेगी। फिर मैं बोली के मैं सूट पहन लेती हूँ। फिर सास बोली के क्या सूट पहन रही हो तेरे ससुर सो गए हैं और अंधेरा भी बहुत हैं ऐसे ही चलो। फिर मैं और सास नंगी ही बाहर चौकी पर आई तो देखा के ससुर सोये हैं। फिर हम भी जाकर सो गई और एक दूसरे की बॉडी से खेलने लगी। फिर मैं वहीं सो गई। सुबह जाग आई तो दिन निकल चुका था। तब तक ससुर उठे नहीं थे तो मैं जल्दी से खड़ी हुई और साथ में सास को भी जगाया और फिर हम अंदर आ गई।

 

सास की चूत पर काफी बाल थे। फिर मैंने एक दिन सास की चूत की शेव कर दी और उनके बगल के भी बाल काट दिए। फिर सास ऐसे राज के सामने जाने से शर्मा रही थी। फिर मैं उन्हें जबरदस्ती उनके सामने ले गई तो सास ने अपनी चूत ढक ली। फिर मैंने सास के हाथ हटा दिए तो राज सास की चूत देखकर हँसने लगे। फिर मैं और मम्मी वहीं बैठ गए। फिर राज ने मुझे खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया और मेरी चूत सहलाने लगे अपने हाथ से। फिर सास भी अपनी चूत सहलाने लगी। सास काफी सेक्सी लग रही थी। सास को ऐसे देखकर राज का बुरा हाल हो रहा था तो फिर राज ने मुझे घोड़ी बनाया और करने लगे। फिर सास भी अपनी चूत जोर जोर से सहलाने लगी। फिर राज झड़ गए तो हम बैठ गए। फिर मैं उठी और सास के दोनों पैरों के बीच आ गई और सास की चूत चूसने लगी। सास सिसकारियां लेने लगी। फिर सास झड़ी तो मैं उनका सारा पानी पी गई। उनकी चूत का पानी मेरे मुँह के लगा था तो मैंने राज से किस कर लिया। तो राज ने भी अपनी माँ की चूत का पानी चख लिया।

 

राज सास के साथ चिपक कर सोते थे और उनकी बॉडी भी सहला देते थे। वो सास के किस भी कर लेते थे और उनके गले भी लगते थे। राज सास के गले लगते तो राज सास की गाँड सहला देते थे तो सास हँसकर कहती के तू आजकल बहुत बेशर्म हो गया। सास अभी तक सिर्फ घर में ही नंगी रहती थी। सास ज्यादा तर अंदर ही रहती तो वो काफी गोरी थी। राज कई बार मम्मी के ऊपर आकर उनके बूब चूसते और उनके पैर फैलाकर उनकी चूत पर एक छोटा सा तकिया था वो रख देते और उस तकिए के छेद करके उसमें अपना लंड डाल देते थे। फिर वो ऐसे धक्के लगाते जैसे सास को चोद रहे हो और सास भी अपने पैर फैलाकर मजे लेते रहती। फिर राज तो उस तकिए में झड़ जाते और सास तकिए के बाहर। फिर मैंने एक दिन सास से कहा के आप राज से कर लीजिए बाहर किसी को पता नहीं चलेगा। तब सास बोली के उसे करना हैं तो वो कर लेगा। ये बात सुनकर मैं काफी खुश हुई और फिर मैंने राज को ये बात बताई तो वो भी काफी खुश हुए। फिर राज बोले के मैं अभी नहीं करूँगा। मम्मी अपने मुँह से कह दे तब करूँगा। मैं बोली के वो कैसे कहेगी। तो राज बोले के तुम देखती जाओ। 

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1 टिप्पणी:

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