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जेठ जी के साथ दिन में सुहागरात मनाया (Jeth ke sath suhagraat manaya)

जेठ जी मेरे नंगे बदन पर हाथ फेर रहे थे। पहले मैं करवट लेकर सोई थी फिर उनका हाथ मेरी कमर से ऊपर आ गया तो मैं सीधी होकर सो गई तो उनका हाथ मेरे बूब पर आ गया। फिर उन्होंने मेरे बूब पकड़ लिए और मेरी चुनी गले से हटा दी। फिर वो मेरे बूब दबाने लगें। मैं आँखें बंद करके सोई थी और सिसकारियां ले रही थी। फिर वो मेरे ऊपर आ गए और मेरे गले पर किस करने लगे। उस सूट का गला वैसे भी काफी बड़ा था तो वो किस किए जा रहे थे। फिर वो लिप किस करने लगे और मैं भी उनका साथ देने लगी। फिर वो खड़े हुए और अपने सारे कपड़े उतारकर नंगे हो गए।

 

फिर वो वापिस मेरे ऊपर आये और मेरे हाथ मे अपना लंड दे दिया तो मैं उनका लंड हिलाने लगी। उनका लंड काफी मोटा था। फिर उन्होंने पहले मेरा सूट उतारा और फिर सलवार। ब्रा तो मैंने पहनी नहीं थी तो उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी और मुझे नंगी कर दिया। ये मेरे हार्दिक होने के 2 साल बाद कि बात हैं। तब तक तो मेरा फिगर काफी सेक्सी हो गया था। फिर मैंने उनका लंड अपने मुँह में डाल लिया और चूसने लगी। उन्हें काफी मजा आ रहा था तो वो मेरा सिर पकड़कर अपना लंड मेरे मुँह में जड़ तक अंदर डालने लगे। उनके मोटे लंड के कारण मेरा मुँह दुखने लगने लगा था।

 

फिर उन्होंने मुझे बेड पर लेटा दिया तो मैं एक हाथ एक बूब दबाने लगी और दूसरे हाथ से अपनी चूत खोलकर उन्हें दिखाने लगी। ये देखकर वो और ज्यादा गर्म हो गए और फिर सीधे ही उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और करने लगे। फिर वो पहली बार तो जल्दी ही झड़ गए और फिर मेरे ऊपर ही सो गए। हम कुछ देर वैसे ही सोये रहे। फिर वो उठे और नंगे ही बाहर मेरे लिए पानी लेने चले गए। फिर मैंने पानी पिया और बेड के सहारे बैठ गई। फिर वो भी मेरे साथ बैठ गए तो मैंने एक हाथ से उनका लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी। फिर वो भी मेरे बूब चूसने लगे। फिर हम फिर से गर्म हो गए तो उन्होंने मुझे घोड़ी बनने को कहा।

 

मैं घोड़ी बन गई तो उन्होंने अपना लंड मेरी गाँड में डाल दिया और करने लगे। फिर वो कभी मेरी गाँड में डालकर करते तो कभी मेरी चूत में। फिर वो वापिस मेरी चूत में ही झड़ गए। उनके चुदाई करने के तरीके से मुझे शक हो गया था के उन्होंने पहले किसी से किया हैं। फिर हम एक दूसरे से चिपक कर सो गए तो मैंने उनसे पूछा के आपने मुझसे पहली बार किया हैं क्या। तो वो बोले के क्या। मैंने ये बात उनसे एक दो बार और पूछी तो वो बोले के क्या किया हैं। मैं तब समझ गई के वो मुझसे चुदाई शब्द बुलवाना चाहते हैं तो मैंने भी बोल दिया के चुदाई। तो फिर वो हँसने लगे और मुझे भी हँसी आ गई।

 

फिर वो बोले के आप किसी को बताओगी तो नहीं। मैंने कहा के नहीं बताऊंगी। फिर वो बोले के हमारे खेत के पास जिसका खेत हैं उसकी बीवी से किया हैं। फिर मैंने कहा के वो तो बूढ़ी हैं और सास की उम्र की हैं। तो फिर वो बोले के बूढ़ी नहीं जवान हैं अभी तक वो। ऐसे चुदती हैं जैसे पहले कभी चुदी ही ना हो। मैंने कहा आप दोनों भाई एक जैसे हो। दोनों बाहर किए बिना नहीं रह सके। फिर वो बोले के क्या उसने भी कर रखा हैं। मैंने कहा हाँ। फिर वो बोले के आपको बुरा नहीं लगता के वो और किसी से करते हैं। तो मैं बोली के तड़पने से अच्छा है कर ले किसी से। मैं ना तड़पु इसीलिए तो उन्होंने हमारी शादी करवाई हैं। फिर वो बोले के मेरे रहते तुम्हें तड़पने नहीं दूँगा। फिर मैं उनसे खुलकर बाते करने लगी और लंड चुदाई वगेरह शब्द बोलने लगी थी। फिर शाम का टाइम हो गया था तो मैं अपने कपड़े पहनने लगी और वो भी फिर कपड़े पहनकर खेत मे चले गए और मैं घर का काम करने लग गई।

 

फिर शाम को सास तो खाना वगैरह खाकर ससुर के पास चली गई। तो अंदर मैं औऱ जिगर ही थे। वो चारपाई पर सोए थे और फिर मैं नहाने चली गई। फिर नहाकर मैंने कपड़े नहीं पहने और टॉवल में ही आ गई। फिर वो मुझे देखते ही खड़े हो गए और मेरा टॉवल निकालकर चारपाई पर डाल दिया औऱ पीछे खड़े होकर मेरे बूब दबाने लगे। आँगन में बल्ब जल रहा था तभी सास अंदर आ गई। फिर हम दोनों को ऐसे देख के वो वापिस जाने लगी। फिर जिगर ने उन्हें आवाज देकर रोका और मैंने जल्दी से टॉवल लपेट लिया। फिर वो जिगर से बोली के तुम्हारे पापा की दवाई लेने आई थी। फिर जिगर ने दवाई ला दी तो वो वापिस चली गई। फिर उनके जाते ही जिगर नंगे हो गए तो मैं बोली के वो फिर आ जाएंगी तो।

 

फिर जिगर बोले के नही आएंगी और आ भी जाएगी तो क्या हो जाएगा। तुम्हे तो नंगी देख लिया फिर मुझे भी नंगा देख लेगी इससे ज्यादा क्या होगा। उनका ये जवाब सुनकर मुझे हँसी आ गई। फिर जिगर ने मुझे घोड़ी बना लिया और करने लगे। हमने बल्ब भी बन्द नहीं किया था। मैं तो एक दो बार झड़ गई थी पर जिगर नहीं झड़े थे। फिर कुछ देर बाद वो भी झड़ गए। उन्हें मेरी शेव को हुई चूत काफी पसंद आई थी। वो फिर मेरी चूत चूसने लगे। चूत चूसते टाइम मैं फिर झड़ गई और वो मेरा सारा पानी पी गए। मुझे भी काफी मजा आया था। फिर मैंने भी उनका लंड चूसा औऱ उनका पानी पिया। फिर हम सो गए।

 

हम नंगे ही सोये थे बस ऊपर सिर्फ एक चादर ओढ़ रखी थी। सुबह मुझे जाग नहीं आई तो सास ने मुझे आकर जगाया। फिर मैं अंगड़ाई लेती हुई बैठी तो मेरी चादर मेरी कमर तक आ गई और मैं ऊपर से नंगी हो गई सास के सामने। तब मैं थोड़ी नींद में ही थी। फिर सास मेरी तरफ देखकर हँसने लगी। फिर मुझे पता लगा तो मैंने चादर से अपने बूब ढक लिए। फिर मैं इधर उधर अपने कपड़े ढूँढने लगी पर कपड़े तो मेरे पीछे ही बाथरूम में रह गए थे रात और टॉवल भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। 


फिर सास बोली के कपड़े कहाँ हैं तुम्हारे फिर मैं बोली के बाथरूम में पड़े हैं। फिर सास बोली के लाकर दूँ। मैं बोली के नहीं मैं जाकर ले लूँगी। फिर मैं खड़ी हुई और चादर लपेटने लगी। फिर अचानक चादर मेरे हाथ से छूट गई और नीचे गिर गई। फिर मैंने चादर नहीं उठाई और दोनों हाथों से अपने बूब ढकने लगी। फिर सास ने मुझे चादर उठाकर दी और फिर मेरी बॉडी पर लपेटने लगी और कहने लगी के मुझसे क्यों शर्मा रही हो इतना और फिर वो मुस्कुराने लगी तो फिर मैंने भी मुस्कुरा दिया। फिर बस दिन ऐसे ही निकलते रहे। 

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