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रूममेट ने मेरी कुंवारी सील तोड़ी

दोस्तों मेरा नाम मेघा है। मैं मुंबई में अपने लिए एक फ्लैट ढूंढ रही थी क्योंकि मुंबई में मेरी जॉब लगने वाली थी। जो फ्लैट मुझे रहने के लिए मिला उस फ्लैट में पहले से ही एक लड़का रहता था, लेकिन यह बात मुझे पता नहीं थी। जिसने मुझे यह फ्लैट दिलाया मैं उससे मिलने के लिए गई और उससे कहा कि वह फ्लैट उसने मुझे दिया था तो वहां पर वह लड़का क्या कर रहा है। उसने मुझे बताया इतने कम बजट में मुंबई में कहीं पर भी रहने के लिए नहीं मिलता है इसलिए तुम्हें उसके साथ शेयर करना ही पड़ेगा और अगर तुम्हें अलग से लेना है तो वह तुम्हें बहुत महंगा पड़ जाएगा।

 

उस लड़के ने कहा कि इतने बड़े शहर में कहां फ्लैट ढूंढती रहूंगी ऐसा फ्लैट तुम्हें कहीं नहीं मिलेगा। उसकी बात सुनकर मुझे भी यही लगा कि मैं अब रहने के लिए फ्लैट कहां ढूंढती रहूंगी इसलिए मैं उसके साथ रहने लगी लेकिन मेरी उसके साथ बिल्कुल भी बनती नहीं थी। वह हर काम उल्टा ही करता था उसका नाम तुषार है।

 

दूसरे दिन जब मैं अपना प्रेजेंटेशन देने के लिए ऑफिस गई तो वह भी उसी ऑफिस में अपना प्रेजेंटेशन देने के लिए आ रखा था। मैंने उससे पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो फिर उसने बताया कि वह भी यहां प्रेजेंटेशन देने के लिए आ रखा है। मुझे उसकी बातों से बहुत गुस्सा आ रहा था क्योंकि मुझे वह बिल्कुल भी पसंद नहीं था। जब हमारा प्रेजेंटेशन शुरू हुआ तभी अचानक हमारे सर को एक अर्जेंट कॉल आ गया। उन्हें तुरंत उस काम के लिए जाना था और उन्होंने प्रजेंटेशन कल करने के लिए कहा। उन्होंने कल अच्छे से तैयारी करके आने के लिए कहा फिर हम घर गए तो मैं अपनी प्रेजेंटेशन की तैयारी करने लग गई और वह आराम से सो गया।

 

मैंने सारी रात अपना प्रेजेंटेशन पूरा किया और फिर सुबह हम दोनों ऑफिस गए लेकिन उस ने चुपके से मेरा प्रजेंटेशन बदल दिया। सबसे पहले मुझे ही अपना प्रेजेंटेशन देना था तो मैंने उन्हें वह फाइल दिखाई उसमें कुछ भी नहीं था। सर ने मुझ पर बहुत गुस्सा किया और मुझे वहां से बाहर जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि तुम्हें यह लास्ट मौका मिल रहा है फटाफट से अपना प्रेजेंटेशन कंप्लीट करो और फिर आना मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने सर से कहा कि मैंने प्रजेंटेशन तैयार किया था पर यह पता नहीं कैसे हो गया। उसके बाद सर ने कहा कि अगर तुम्हारे साथ यह किसी ने किया है तो तुम उसका नाम मुझे बताओ।

 

मुझे शक था कि यह काम उसी ने किया होगा लेकिन मैंने उसका नाम सर को नहीं बताया। फिर मेरी फ्रेंड ने मुझसे कहा कि तुम्हें तुषार का नाम बोल देना चाहिए था लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। उसको भी इस बात का एहसास हुआ कि उसने जो भी किया गलत किया। जब हम घर गए तो उसने मुझे सॉरी कहा लेकिन मैंने उससे बात नहीं की फिर उसने मेरे लिए एक सरप्राइज डिनर प्लान किया। मुझ से रिक्वेस्ट की थोड़ी देर बाद मैंने उसकी बात मान ली क्योंकि मुझे भूख भी बहुत लगी थी प्रेजेंटेशन के चक्कर में मैंने सुबह से कुछ भी नहीं खाया था इसलिए मैं उसके साथ डिनर के लिए गई। उसने मुझे वहां सॉरी कहां।  मैंने भी उसे माफ कर दिया।

 

हम दोनों के बीच कभी सेक्स नही हुआ था वह बाहर हॉल में ही सोता था और मैं अंदर बेडरूम में कुंडी लगाकर सोती थी। एक दिन वह बाथरुम में चला गया और बाथरूम की कुंडी शायद खराब थी वह सही से लगती नहीं थी। मुझे भी बहुत तेज टॉयलेट आ रही थी तो मैंने भी एकदम से दरवाजे को खोल दिया। जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि वह अंदर मुट्ठ मार रहा है। उसने हाथ में मेरी पैंटी पकड़ी हुई है और वह मुट्ठ मार रहा था। मैंने उसे डांटना शुरू कर दिया जैसे ही मैंने उसे कहा तो उसने अपनी पिचकारी मेरी तरफ गिरा दी और वह मेरे सारे कपड़ों में गिर गई। मेरे सारे कपड़े खराब हो चुके थे और उनसे उसके माल की स्मेल आ रही थी। मेरा भी मन हो चुका था कि मैं कुछ करूं तुषार के साथ मैंने उससे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया तो वह कहने लगा तुम हो ही इतनी सुंदर मुझसे रहा नहीं गया। मैं भी अंदर बाथरूम में गई और वह बाहर आ चुका था।

 

मैं अपने कपड़े बदलने लगी जैसे ही मैं अपने कपड़े बदल रही थी तो उसने दरवाजा खोल दिया और मैं वहां पर एक दम से कोने में जाकर छुप गई मैं एकदम नंगी थी। तुषार ने मुझे देख लिया था और वह कहने लगा तुम्हारा बदन तो एकदम मस्त है, मैं इतना सोचा भी नहीं था जितना तुम्हारा फिगर है। वह बड़ी तेजी से मेरे पास आया और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। मैंने उसे कहा कि तुम मुझे छोड़ दो लेकिन उसने छोड़ा नहीं और ऐसे ही मुझे पकड़ कर रखा। वह मेरे बदन पर अपने मुंह से चाटने लगा और ऐसे ही मेरी गांड को भी वह चाटने लगा।

 

यह सब मुझे अच्छा लगने लगा था और उसने मेरी चूत को चाटने शुरू कर दिया धीरे-धीरे उसने मेरे स्तनों को भी अपने जीभ से चाटा और वह मेरे होठों को किस कर रहा था। मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था मैंने उसके होठों को  किस करना शुरू कर दिया। अब मैंने उसके होठों को काट भी दिया था। वह मुझे कहने लगा तुम तो बहुत ही अच्छा से स्मूच करती हो। मैं चुपचाप रही मैंने उसे कुछ जवाब नहीं दिया अब वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा था। उसने मेरे आधे स्तनों को अपने मुंह में ले लिया था और वह मुंह में लेता और फिर से बाहर निकाल लेता। उसने मेरी योनि को भी बहुत अच्छे से चाटा।

 

वह ऐसे ही मुझे उठा कर बिस्तर में ले गया मैं तो पहल से नंगी थी। उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह की तरफ बढ़ाया। मैंने उसे मना कर दिया मैंने कहा मैं मुंह में नहीं लूंगी। उसने कहा तुम ट्राई तो करो। मैंने हलके से उसके लंड को मुंह में लिया तो मुझे उसकी बहुत गंदी स्मेल आ रही थी लेकिन मैंने कोशिश करते हुए उसे अपने मुंह में ले ही लिया। जैसे ही मैंने उसका लंड अपने मुंह में लिया तो उसका वीर्य टपक रहा था और वह मेरे मुंह में गिर रहा था।

 

मैंने उसे कहा तुम्हारा वीर्य टपक रहा है उससे कुछ नहीं कहा तब तक वह मेरे मुंह में गिर चुकी थी। जैसे ही वह मेरे शरीर में गई तो मुझे ऐसा लगा मेरे अंदर कुछ अलग ही तरह की उत्तेजना जाग चुकी है। वह बहुत ही अच्छे से अब मेरे स्तनों को चाट रहा था और धीरे से उसने भी अपने लंड को मेरी योनि में डाल दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को डाला तो मैं बहुत तेज चिल्लाई और मैंने उसे कहा कि तुमने इतनी तेजी से क्यों डाला मुझसे पूछ तो लिया होता। अब मैंने उसे कहा कि मेरी सील आज तक नहीं टूटी थी। तुमने मेरी सील तोड़ दी है और मेरा सारा खून निकल रहा है।

 

उसने जैसे ही अपने लंड की तरफ देखा तो उसमें पूरा खून लगा हुआ था। मेरी चूत से खून निकल रहा था लेकिन मैंने उसे रोका नहीं और वह ऐसे ही धक्के मारता जाता। मेरा पूरा बदन हिल रहा था लेकिन वह रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने मेरे पूरे शरीर को हिला कर रख दिया मेरे स्तन तो ऐसे हिल रहे थे मानो जैसे कोई ट्रेन चल रही हो और वह ऐसे ही मुझे धक्के मारे जा रहा था जैसे ट्रेन में झटके लगते हैं या फिर किसी ने अचानक से गाड़ी में ब्रेक मार दिया हो। इतनी तेजी से वह अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन अच्छा लग रहा था। उसका लंड गर्म होने लगा था क्योंकि मेरी चूत बहुत टाइट थी।

 

उसमें जैसे ही उसका लंड रगड़ता तो उससे आगे निकल रही थी और हम दोनों इतने ज्यादा गर्म हो चुके थे कि अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था। थोड़ी देर में उसका भी गिरने वाला था और मेरा तो गिर ही चुका था जैसे ही उसका  वीर्य गिरा तो उसने मेरे अंदर ही अपना वीर्य गिरा दिया और जब उसने लंड बाहर निकाला मेरी चूत से तो उसका वीर्य टपक रहा था और मेरा खून भी निकल रहा था। मुझे बहुत तेज बिल्डिंग हो रही थी जैसे ही उसने अपने वीर्य को मेरे अंदर गिराया था तो मुझे बहुत शांति हुई थी।

 

ऐसा लगा जैसे किसी ने जलती हुई आग पर पानी गिरा दिया हो। मैंने उसकी छाती पर अपने सिर को रखते हुए ऐसे ही लेटी रही और मेरे चूत से खून पूरे बिस्तर पर टपक रहा था लेकिन मैं इस से बेपरवाह होकर आराम से उसकी छाती पर अपना सिर रखकर लेट रखी थी और आराम कर रही थी। जब मैंने तुषार के देखा तो उसका लंड भी बहुत मोटा हो गया था शायद वह सूज चुका था। 

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