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मैंने अपनी कामुक बहू को चोदा

मैंने अपनी कामुक बहू को चोदा

मैंने अपनी बहु को चोदा है। वो नए जमाने की लडकी थी। इसीलिए वो घर में छोटे कपड़े पहनती थी। उसकी गोरी गोरी टांगें देख कर मेरी अंतर्वासना जाग जाती थी। इसीलिए मैंने उसे चोदा। मेरी उमर 56 साल है। मै मेरठ का रहने वाला हूं। इस कहानी में मै अपनी बहु को चोदने का किस्सा बता रहा हु।

 

मेरा एक बेटा और 1 बेटी है। वो दोनो शादीशुदा है। मै मेरे बेटे और बहू के साथ रहता हूं। मेरे बेटे की उमर 30 साल है और मेरी बहु कि उमर 25 साल है। मेरे बेटे का नाम योगेश है। और मेरी बहु का नाम मीनल है।

 

मेरी पत्नी मर चुकी है। मेरी पत्नी से मुझे बहुत सुख मिला था। लेकिन उसके चले जाने के बाद मै और मेरी वासना अकेली हो गई थी। इसीलिए मै अपने लिए कोई गैर औरत ढूंढता रहता था। मै अभी भी बहुत तंदरुस्त हु। मेरी सेक्स कि वासना अभी भी बहुत बाकी है।

 

मेरा बेटा कम्पनी में काम करता है। वो अपने काम में बहुत मेहनत करता है। इसीलिए वो बहुत बिज़ी रहता है। इसके कारण वो अपनी बीवी को समय नहीं दे पाता। इसीलिए मेरी बहु उदास रहती है। वो घर में ज्यादा समय नहीं देता। घर में हम दोनो ही रहते है।

 

मेरी बहु और मेरा बेटा नए जमाने के लड़का  लडकी थे। इसीलिए मेरी बहु घर में छोटे कपड़े पहनती थी। मेरे बेटे की तरफ से उसे कोई भी बंदिश्त नहीं थी।

 

मीनल घर में छोटे छोटे कपड़े पहन कर ही घूमती थी। मुझे उससे बहुत दिक्कत थी। लेकिन रोज रोज से मुझे उसकी आदत हो गई थी। लेकिन उसके गोरे गोरे टांगो को देख कर मै अपने मन में उसे नंगी करके मन में ही चोद देता था। फिर मै बाथरूम में जाकर मूठ मार लेता था।

 

एक दिन मै बाहर से घर आया। तब  मेरी बहु को पता नहीं था कि मै घर आया हु। मै किचन तरफ गया तब मीनल अपनी चूचियां दबा रही थी। तब मुझे थोड़ा लगा कि शायद उसे मेरा बेटा सेक्स सुख नहीं दे पा रहा है। फिर मैंने अपने पैरो की जोर से आवाज कि और उसने अपनी टी-शर्ट ऊपर कि और मेरे पास आ गई।

 

उसे शायद लग रहा था कि मैंने उसे देख लिया है। लेकिन हम दोनों के मुंह से कुछ भी आवाज नहीं निकल रही थी।

 

एक दिन मीनल ने साड़ी पहनी। वो साड़ी में बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही थी। साड़ी से उसकी गोरे गोरे पेट पर एक छोटिसी सेक्सी नाभि दिख रही थी। वो काम कर रही थी। मै किचन में गया तब उसकी पीठ मेरी तरफ थी। उसका ब्लाउस  पीछे से खुला था। वो सिर्फ लेस से बंधा हुआ था। उसमे से उसकी गोरी गोरी चिकनी पीठ दिख रही थी। उसको देख कर मेरी कामुकता जाग रही थी।

 

एक दिन मीनल कुछ ज्यादा ही उदास दिख रही थी। तब मै उसके पास गया। और उससे पूछा कि क्या हुआ मीनल तुम मुझे रोज उदास दिखती हो। और आज कुछ ज्यादा ही उदास हो। कुछ परेशानी है क्या। वो मुझसे झूठ बोलने लगी कि कुछ नहीं ससुर जी बस काम का थोड़ा टेंशन है।

 

तब मैंने उसके सर पर हाथ फेरा और उससे कहा कि बेटा तुम मुझे अपनी परेशानी खुल के बता सकती हो। मै उस परेशानी को मिटाने का पूरा प्रयास करूंगा।

 

तब वो मेरे कंधे पर सर रख कर हल्के से रोने लगी। और बोली कि ससुर जी मै आपके बेटे से पूरी तरफ संतुष्ट नहीं हो पा रही हूं। इससे मेरा मन नहीं लग रहा है। तब मै समझ गया कि इसे चुदने की गर्मी चढ़ रही है।

 

मै उसे सोफे पर ले के गया। उसको वहा बैठाया। और उसको बोला कि अगर तुम चाहो तो मै तुम्हारी सेक्स कि भूख मिटा सकता हूं। तब वो जाने लगी। वो समझ गई थी मै क्या बोल रहा हु। मैंने उसका हाथ पकड़ के उसे अपनी गोद में बैठा लिया। और उसके गले पर चूमने लगा।

 

वो जल्दी ही मन गई। वो बोली क्या आप से इस उमर में चोदना होंगा। मैंने कहा तुम मुझे आजमा सकती हो। तब वो मेरे गालों पर चूमने लगी। फिर सीधा मैंने उसके बूब्स दबाने चालू किया। वो सेक्स कि भुकी थी तो वो जल्दी ही गरम होने लगी।

 

मीनल बोली आज मुझे आप अच्छे से चोदना। मेरी सालों कि प्यास बुझा देना। मैंने बोला ये मिला हुआ मौका मै बिल्कुल भी नहीं छोडूंगा। तुम्हे पूरा संतुष्ट करूंगा।

 

मैंने उसकी टी शर्ट निकली। उसने नीले रंग कि ब्रा पहनी हुई थी। मै उसकी छाती चूमने लगा। बहु कि सेक्स से भरी आवाज निकलने लगी आह….आह….। 

 

फिर मैंने उसकी ब्रा उतारी। और उसके चूची यो को चूसने लगा। वो बहुत गरम हो रही थी। दूसरे हाथ से मै उसका दूसरा बूब्स दबा रहा था।

 

कुछ देर चूसने के बाद हम दोनो कमरे में चले गए। वहा जाने के बाद हम दोनो खड़े खड़े ही एक दूसरे को चूमने लगे। बहु ऊपर से नंगी थी। चूमते चूमते ही मैंने उसे अपनी बाहोमे ले लिया। उसके बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे। उसकी चूचियां मेरी छाती को रगड़ रही थी।

 

मीनल ने हॉट पैंट पहनी हुई थी। चूमते चूमते ही मेरा एक हाथ उसकी चूत के ऊपर चला गया। मै पैंट के ऊपर से ही उसे मसलने लगा। जैसे ही मैंने उसकी चूत को मसलना चालू किया तब उसने मुझे कस कर पकड़ लिया। उसमे उसको मजा आ रहा था। मैंने सोचा जब इसको हाथ रखते ही ऐसा मजा आ रहा है तो चुदते समय कितना मजा आयेगा।

 

उसको ऊपर से चूमते चूमते मै नीचे आया। और उसकी पैंट निकाली। उसने काले रंग कि चड्डी पहनी हुई थी। फिर उसने मुझे खड़ा किया। और मेरे कपड़े निकले। पूरे कपड़े निकालने के बाद मै सिर्फ चड्डी पे रह गया। मेरा लंड खड़ा हो चुका था। वो चड्डी में से दिख रहा था।

 

फिर मैंने बहु कि चड्डी और ब्रा निकाली। उसकी चूत नए चूत जैसी ही लग रही थी। तब मुझे लगा कि मेरा बेटा इसको बहुत कम बार चोदता होगा।

 

फिर मैंने उसे पलंग पर लेटा दिया। फिर मैंने उसकी दोनों टांगें दूर कि और उसकी चूत को बड़े आराम से बड़े प्यार से अपने हतो से सहलाने लगा। उसके मुंह से मादक भारी आवाजे निकल रही थी। आह….अह्ह्ह…..आह……

 

फिर मै उसकी चूत को चाटने लगा। जैसे ही मैंने उसकी चूत को मुंह लगाया। वैसेही वो कांप उठी जैसे कि उसकी आज पहली बार ही चुदाई हो रही है।

 

मै धीरे धीरे उसकी चूत को अपने मुंह से गीला करता रहा। उसकी वासना सातवे आसमान पर पहुंच गई थी।  उसकी चूत काफी अच्छी थी। उसको चाटने के बाद मेरी वासना भी जाग गई।

 

उसकी चूत चाटते समय मेरे हाथ उसके चूचियां रगड़ रहे थे। उससे उसे बहुत अच्छा लग रहा था।

 

उसकी चूत चाटते समय मैंने अपने हाथ कि बड़ी ऊंगली उसके मुंह में दी। वो उसे बड़े ही कमाल तरीके से चूसने लगी। मै उस ऊंगली कि जगह अपना लंड महसूस करने लगा। कुछ देर बाद ऊंगली गीली हो गई। फिर मैंने उसकी चूत में वो गीली ऊंगली धीरे धीरे डाल दी। उसकी हल्की सी चीख निकलने लगी।

 

मै उसकी चूत चाटने के साथ साथ उसकी चूत में ऊंगली अंदर बाहर करता रहा। बहु के मुंह से आवाजे निकलती रही। उसे बहुत मजा आ रहा था। मुझे भी मेरी बहु को चोदने कि ख्वाहिश पूरी होती नजर आ रही थी।

 

मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। मै उसकी चूत में जल्दी से लंड डालना चाहता था। इसीलिए मैंने उसकी चूत से अपना  मुंह हटाया और उसकी चूत में अपना लंड डालने ही वाला था तब उसने बोला ससुर जी रुक जाहिये। मैंने बोला क्यूं। तो बोली मुझे दर्द होगा इसीलिए मै आपके लंड को चूसना चाहती हूं।

 

फिर मै खड़ा हो गया। वो अपने घुटनो के बल पर बैठ गई। और मेरे लंड को प्यार से पकड़ लिया। पहले तो उसने मेरी गोटिया चूसना चालू किया। फिर  मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। वो मेरे लंड को मुंह में ही अंदर बाहर करने लगी। मुझे उसकी लंड चुसाई में बहुत मजा आ रहा था। उसके जैसी मेरी लंड चुसाई मेरी बीवी ने भी कभी नहीं कि थी।

 

कुछ देर तक वो मेरे लंड को अपने मुंह में गीला करती रही। लंड चुसाई होने के बाद मैंने फिर से उसे पलंग पर सुला दिया। उसकी टांगो को अलग किया। और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ ने लगा। उसकी हल्की आवाजे चालू हो गई। मैंने धीरे से उसकी चूत में लंड डाल दिया। उसके मुंह से बहुत जोर कि चीख निकली। अह्ह्हह…..आराम से….आह…..ससुरजी थोड़ा आराम से….आह….

 

मैंने आराम आराम से धक्के मारना चालू किया। उसकी मादक आवाजे चालू थी। उसकी आवाजे सुनके मुझे और जोश आने लगा। मैंने जोर जोर से धक्के मारना चालू किया। कुछ देर बाद उसकी आवाजे बदलने लगी। अहह्हचोदो जोर से…..अहहऔर जोर से….आह….  उसे बहुत मजा आने लगा था।

 

15 मि. कि चुदाई के बाद मै उसकी चूत में झड़ गया। उसकी भी संतुष्टि हो गई थी। वो भी मेरे साथ ही झड़ गई थी।

 

उसकी वासना भी पूरी हो गई थी। और मेरी सूखी दुनिया में भी फूल खिल गया था। हम दोनो बहुत खुश थे। पहले वो बहुत उदास रहती थी लेकिन चुदने के बाद वो खुश थी।

 

फिर मै उसे जब भी मौका मिलता था तब तब चोदता था। हम दोनो की जिन्दगी में काफी मजा आने लगा था। 

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