दोस्तों में पंजाब का रहने वाला हु. मेरा मस्त लंबा
तगड़ा ८ इंच मोटा खडा लंड हे, आप सब को अपनी मा के गेंगबेग के बारे में बताने जा रहा हु.
मेरी ऐज २२ साल है. और मेरी मा एवरेज दिखती है, लेकिन उनका फिगर मस्त है. उसके
फिगर का साइज़ ३६-३०-३६ हे. मेरी माँ पंजाबन हे इसलिए ऐसे घटीले बदन को केरी करती
है.
मेरे मा पापा बिक्लुक धार्मिक टाइप है. गृह नक्षत्र
वगैरा मेरे पैदा होने के बाद से आज तक में अपनी मा के साथ ही एक ही बिस्तेर पे
सोता आया हु. पता नहीं किस बाबा ने उन्हें यह बताया होगा लेकिन मेरे लिए तो अच्छा
ही था. में अपने माँ बाप का एकलोता लड़का हु ना तो प्यार बहुत मिलता है. तो क्युकी
में अपनी मा के साथ ही सोता आया हु. तो इस वजह से मेरे पापा मेरी मम्मी को चोद नही
पाते है.
तो मम्मी के साथ रोज हम बिस्तेर होने के कारण मेरी
मम्मी के लिए थिंकिंग बदलने लगी थी. में जवान भी तो होता जा रहा था. तो रोज मा के
साथ सोने से उनके बूब्स को धीरे से मसलता था.
मा कभी रात में सलवार सूट पहन सोती थी, या तो लूज गाउन पहन कर.
जिस के कारण में उनके गहरी नींद में जाते ही अपने हाथो का काम चालू कर देता था. और
मम्मी के कभी बूब्स भी दबाता था. तो कभी उनकी सलवार का नाडा ढीला कर के उनकी चूत
रगड़ता था. आआआहह दोस्तों, बालो से भरी नरम मुलायम चूत को रगड़ने में और ऊँगली करने में
मजा ही आ जाता था. मुझे तो लगता की माँ को अभी नंगा कर के उसकी चूत में मेरा लंड
घुसेड दू और उसे जन्नत की सेर करा दू, लेकन नहीं कर सकता था, मेरे में इतनी हिम्मत नहीं थी.
में हर रात को ये सब मम्मी के साथ करता था. लेकिन
मम्मी को जब ये पता चलता तो, वो मुझे अपने आप से दूर कर देती थी. लेकिन कभी भी मुझे डाटा
या चिलाया नही. जिस से मेरी हिमत बढने लगी. और अब में मम्मी को चुप चुप के नहाते
हुए, कपड़े
चेंज करते हुए देखने लगा. और मुझे मेरी मम्मी को इस तरह छुप कर देखने में बहोत मजा
आता था.
मेने अपनी मम्मी को कई बार नंगी देखा है. मेरी मम्मी
के चूत पे घने काले बाल हे, उसके बड़े बड़े चुतड हे, मेरी मम्मी की डार्क ब्राउन
निप्पल हे, उसे देखने के बाद मेरा लंड एकदम खड़ा हो जाता था और मुझे तुरंत मेरे हाथ से लंड
को हिलाके उसे शांत करना पड़ता था. मुझे उसे देख कर मेरी जिन्दगी के पुरे मजे मिल
जाते थे. ये नजारा रोज देखने की वजह से अब तो बस मेने पक्का कर लिया था, की कैसे भी कर के,
अपनी मा शीला को
चोद कर ही रहूँगा. मेने प्लानिंग करना भी स्टार्ट कर दिया था. में अपनी मा का
गेंगबेंग होते हुए भी देखना चाहता था. मेरे मन में तो दोस्तों पता नहीं केसे केसे
ख्याल आते थे और उसे वजह से में सपने में भी माँ की चुदाई को देखा करता था.
मेरे पापा अपनी जॉब की वजह से ज्यादा तर टाइम घर के
बहार ही रहते थे. लेकीन घर आने के बाद भी मम्मी को नही चोदते थे. क्योकि एक बच्चा
होने के बाद वो चुदाई करना पाप समजते थे. और मम्मी अपना मन मार कर रह जाती थी. चूत
में ऊँगली कर के खुद को शांत करती रहती थी. मेरी मम्मी को चोदने का मन तो बहोत
करता था लेकिन करे तो क्या करे पापा तो ना करते रहते थे.
लेकिन में एक बड़ी गलत फ़हमी में था क्योकि मेरी मा का
मेरे काका विजय के साथ चकर चल रहा था और ये बात मुझे एक दिन दोपहर को पता चली.
विजय काका का तो घर पे आना जाना होता था, क्युकी वो मेरे पापा के काफी करीबी दोस्त थे. और
उनकी अपनी ज्वेलरी की शॉप थी. तो वो मा के लिए कुछ न कुछ चैन, अंगूठी, कंगन ले कर आते थे. तो
मम्मी भी बहुत खुश हो जाती थी.
ऐसे ही एक दीन काका घर आये थे. और में अपने कोलेज के
लिए निकल रहा था तो में मा को काका के साथ अकेले छोड़ कर चला गया. लेकिन दो घंटो के
बाद में घर वापस आ गया. क्युकी लेक्चर बोरिंग थे. और मेरा कोलेज में मन भी नही लग
रहा था.
में जब घर पहुचा तो घर का मेन दरवाजा लोक था,
तो मुझे लगा शायद
मा सो रही होगी, तो मेने मेरी चावी से धीरे से लोक खोला, जिस से आवाज ना हो, और मम्मी के रूम की तरफ
चल पड़ा.
तभी मुझे मम्मी की जोर जोर से चिलाने की आवाज सुनाई
दी. तो में तुरंत दरवाजा खोल कर अंदर घुसा, और क्या देखता हु की, विजय काका पुरे नंगे
अपने घुटनों पे बेठ कर अपनी कमर तेजी से आगे पीछे कर रहे है और वो भी जोर जोर से
आहें भर रहे है.
मम्मी उनके नीचे लेट कर अपनी चूत को उछाल उछाल कर
चुदाई करवा रही है. और मोन कर रही है. ये सीन देख कर में एकदम से शोकड हो गया. और
मम्मी और काका भी बुरी तरह से डर गये. और मम्मी ने अपने उपर चादर डाल दी. और काका
ने अपने कपड़े जल्दी से पहने, और चुप चाप घर से चले गये.
में माँ के पास बेड पर जा के बेठ गया और मम्मी के
उपर से चादर को खीच के हटा दी. मम्मी बोली, सुनील ये तू क्या कर रहा है?
तो में बिना कुछ
बोले, मम्मी
के बूब्स दबाने लगा, चूसने लगा, चाटने लगा.
वो मुझे बोलने लगी की, ऐसा मत कर, में तेरी मा हु. कुछ तो
शर्म कर, अपनी
माँ का लिहाज रख. तो में बोला, अच्छा साली रांड, कुतिया उस रंडवे भडवे विजय के साथ चुदाई कर सकती है.
तब तेरी लाज शरम क्या तेल लेने गयी थी? में जब रात तेरे बूब्स दबाता था, तेरी चूत में ऊँगली करता
था. तब तो तूने मुझे कभी भी एक शब्द नहीं कहा और मुझे डांटा भी नहीं.
तो थोड़ी देर मजा ले कर, तू मेरे हाथ हटा देती थी. और आज
तुजे शरम लिहाज याद आ रहा है. जो में तेरे साथ कर रहा हु, मुझे करने दे. कब से तुजे चोदने
के लिए मेरा लंड तडप रहा है. आज तेरी रगड के ऐसे चुदाई करूंगा की, फिर हमेशा के लिए तू
मेरा ही लंड लेना चाहेगी. में आज उसे रंगे हाथो पकड़ कर बहोत खुश हो गया था.
तेरे पास मुझ से चुदवाने के अलावा कोई ओर चारा नही
है. और खबरदार जो आज के बाद विजय काका से मिली तो, पापा को सब कुछ बता दूंगा. फिर
सोच लेना की वो तेरा क्या हाल करेंगे. ऐसा कह कर मेने बेड रूम का डोर अंदर से लोक
किया. और तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए. और मम्मी की टांगो के बीच में आ गया. और
दोनों हाथो की उंगलियों से मम्मी की चूत को पूरा अंदर तक खोल कर चूसने लगा,
चाटने लगा.
विजय काका जब माँ को चोद रहा था तब माँ ने अपना पानी
छोड़ा था. क्युकी बिलकुल चिकनी चूत थी मम्मी की, मेरे चूत के दाने को जीभ से
हिलाने की वजह से मम्मी तपड उठी, और अपने दोनों घुटने मोड़ कर मेरे सिर को अपनी चूत पे दबाने
लगी.
और लडखडाती हुई, हकलाती हुई आवाज में बोलने लगी,
आआआ आआ ऐसे ही
मेरी चूत को चुस्त रहे सुनील, तू कितना मस्त चूस रहा है. करते रह, बिलकुल मत रुकना. में बहुत सालो
से तडप रही हु. ना तो तेरे बाप ने, और ना ही उस विजय ने मेरी चूत की ऐसी चुसाई की है. वो तो बस
चोदता था. और चला जाता था. में तो एकदम से प्यासी रह जाती थी और मुझे आज तेरे साथ
में बहोत मजा आ रहा हे.
में बोला, टेन्सन मत ले मेरी रंडी माँ, में तुजे चुदाई का पूरा मजा
दूंगा. फिर मेने पुरे १५ मिनिट तक मम्मी की चूत को चूसता रहा. मम्मी की चूत को उस
विजय ने चोद कर काफी फैला दी थी. साले का लंड भी काफी बड़ा तगड़ा और मजबूत था.
खैर मम्मी की चूत फैले हुई होने के कारन मेने अपने
हाथ की चार उंगलिया उनकी चूत के अंदर डाल दी. और हैण्ड फकिंग चालू कर दी. और अपनी
स्पीड तेज कर दी. में बहुत तेज से अपनी चारो फिंगर्स मम्मी की चूत के अंदर बहार
करने लगा. मम्मी बहुत जोर जोर से आह्ह ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह एस अह्ह्ह
ओह्ह और जोर से कर बेटा बहोत मजा आ रहा हे ऐसे कर रही थी. और थोड़ी ही देर में अपना
सारा पानी तीन जोरदार धके मार कर मेरे हाथो ओर छाती पर छोड़ दिया.
इसके बाद फिर में अपना खड़ा लंड लेकर मम्मी के मुह के
पास ले गया. और मम्मी को लंड चूसने को बोला. मम्मी ने लंड हाथ में लिया और धीरे
धीरे लंड के सुपाडे को उपर नीचे करने लगी.
एक तो मेरा लंड पूरा औकात में ८ इच का खड़ा था. उपर
से मम्मी के कोमल सॉफ्ट हाथो की फीलिंग क्या जबरदस्त मजा दे रही थी. फिर मम्मी ने
अपनी जीभ को मेरे लंड के सुपाडे पे फिराने लगी. जहासे हम लडके पेशाब करते है. और
मुठ मरते है. दोस्तों आप लोग तो वो फीलिंग मेहसूस कर ही सकते होंगे.
फिर मम्मी ने पूरा लंड अपने मुह में भर लिया. सूप
सूप कर के लोलीपोप की तरह एक रंडी बन कर चूसने लगी. कितने मजा आ रहा था. मम्मी का
मुह पूरा सलीवा से भर चूका था. मम्मी ने पूरा निगल लिया, मस्त लंड चूस रही थी. मुझे बहोत
मजा आ रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था की में जन्नत में घूम रहा हु.
फिर लंड चुसाई के बाद, मेने मम्मी को टंग किस किया और
हम दोनो के सलीवा एक्स्चेंज हो रहे थे. बहुत ही टेस्टी सलीवा था, चूत और लंड का टेस्ट
मिक्स्ड था. फिर मेने मम्मी की चूत पर अपना लंड रखा, और दाने पे रगड़ने लगा. मम्मी को
बहुत जोरदार वाला ओर्गास्म हो रहा था.
बस फिर मेने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया. और
कमर को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. मम्मी अपने होठो को दातों से दबाने लगी. और
मोन करने लगी. बहुत जोर जोर से आवाज आह्ह ओह्ह हह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह और जोर से कर
अहः ओह्ह अह्ह्ह हहह उम्म्म अह्ह्झ ओह्ह येस्स अम्मम्म उम्म्म्म कर रही थी.
मेने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी. और मम्मी को तेजी
से चोदने लगा. धका धक् जोर जोर से जटके मार रहा था. मेने हर जटके से मम्मी का पूरा
शरीर जटके खा रहा था. उनके बूब्स उपर नीचे उछल रहे थे. आआआआ हाहाहा आआआ हहह्हाआ
आआआआ. मुझे कितना मजा आ रहा था वह में आप लोगो को अपने शब्दों में नहीं बता सकता.
में धको की स्पीड बढ़ाता जा रहा था. और एक जंगली
जानवर से भी ज्यादा तेजी से मम्मी को चोद रहा था. मम्मी की इस जबरदस्त दर्द भरी
चुदाई से बुरा हाल हो गया था. और वह और जोर जोर से मोंन करने लगी थी अहह ओह्ह हां
ओह्ह अह्ह्ह ओह्ह आम्म. में तकरीबन आधे घंटे से ज्यादा टाइम से मम्मी को धका धक
चोद रहा था. मम्मी का तो रोना निकल गया. वो बोली प्लीज और मत कर, में मर जाउंगी, मुझे बहुत दर्द हो रहा
है.
मेने फिर अपना लंड चूत से बहार निकाला, और मम्मी के पीछे आके
लेट गया. और पीछे से चूत में मम्मी की टांग उठाकर लंड डाल दिया. और स्पीड से चोदने
लगा.
ऐसे ही पीछे से १५ मिनिट तक लगातार चुदाई करने के बाद मम्मी की चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया. पहली बार की चुदाई इतनी लम्बी और मजेदार चली. जो मेने भी नही सोचा था, हम दोनों दुरी तरह थक कर बिस्तेर पे लेट कर सो गये. फिर तो मेने मम्मी की हर दिन चुदाई की. मेरे २४ घंटो में से ७-८ घंटे तो चुदाई में ही बीतने लगे.
wooooow kitna mja aya hoga garma garam dehekte gadraye badan ko chodne me .mera to 8-9 saal ka real experience he aurat starting me to bolti he ki ye galata he ese mt kr lekin jb uski chut steam chhodne lagti he to voilent hokr poora sath hi nahi deti wild ho jati he aur uchhal -uchhal ke lode ko ander bahr krti he .ya yu kahe ki wo chodne lagti he lode ko suja ke masal ke tod ke rakkh deti he nichod leti he ander .boora haal hojata he mera uske badan se khelte hue mai bhi punjabi putr hu nah is liye mene uski gand to esi kr di he maar -maarke tarbooj jese.
जवाब देंहटाएंAb beta nahi chodega maa ko to wo randi banegi hi.
जवाब देंहटाएंIs liye bole sabhi beta abhi maa ko chode
कैसे 6350439266
हटाएं